अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को मौजूदा हालात की सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए और बातचीत की मेज पर वापस आना चाहिए। पश्चिम एशिया में मचे इस संकट का पूरा समाधान तभी निकल सकता है जब दोनों पक्ष चर्चा करें। अमेरिका अब यह समझने की कोशिश कर रहा है कि ईरान किन मुद्दों पर बात करने को तैयार है।

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ईरान के साथ बातचीत और अमेरिका की शर्तें क्या हैं?

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंगलवार को कहा कि ईरान को वास्तविकता स्वीकार करनी होगी। अमेरिका इस समय उन विषयों की पहचान करने में जुटा है जिन पर तेहरान चर्चा करने के लिए तैयार हो सकता है।

  • शुरुआती समझौतों में विस्तृत योजनाओं के बजाय केवल बड़े पैमानों पर ध्यान दिया जा सकता है।
  • Rubio ने बातचीत के विषयों पर स्पष्टता और ईरान की तरफ से रियायतों की जरूरत बताई।
  • अमेरिका का लक्ष्य पश्चिम एशिया के संकट का एक संपूर्ण समाधान निकालना है।

Strait of Hormuz और परमाणु हथियारों पर क्या विवाद है?

अमेरिका ने ईरान के उन दावों पर सवाल उठाए हैं जिसमें वह परमाणु हथियार न बनाने की बात कहता है। Marco Rubio ने आरोप लगाया कि ईरान की हरकतें और उसके बयान अलग-अलग हैं और वह चोरी-छिपे हथियार बनाने की क्षमता विकसित कर रहा है।

  • ईरान पर यूरेनियम संवर्धन और मिसाइल विकास के बुनियादी ढांचे तैयार करने का आरोप है।
  • Strait of Hormuz में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को ‘डिफेंसिव ऑपरेशन’ बताया गया है, क्योंकि वहां ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी की गई है।
  • Rubio ने साफ कहा कि केवल अमेरिका ही Strait of Hormuz को खोलने की क्षमता रखता है।
  • ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी हटाने के बदले जलमार्ग खोलने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका ने अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Marco Rubio ने ईरान से क्या मांग की है?

उन्होंने ईरान से वास्तविकता स्वीकार करने और बातचीत की मेज पर वापस आने को कहा है ताकि पश्चिम एशिया के संकट का समाधान निकाला जा सके।

Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका का क्या स्टैंड है?

अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई को रक्षात्मक बताया है और दावा किया है कि केवल वही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलने की क्षमता रखता है।