अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio बहरीन पहुंचे हैं। वे यहां GCC देशों के साथ एक अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूरे इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान के साथ अमेरिका के समझौतों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

तय कार्यक्रम के मुताबिक, Marco Rubio 24 जून 2026 की शाम को बहरीन पहुंचे। इससे पहले वे 23 से 25 जून के बीच UAE और कुवैत का दौरा भी कर चुके हैं। 25 जून को आयोजित GCC-US मिनिस्ट्रियल मीटिंग में मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर बात की गई।

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इस दौरे का स्वागत करते हुए अमेरिका के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। मंत्रालय ने बताया कि बहरीन और अमेरिका के बीच C-SIPA समझौते के जरिए आपसी रिश्तों को और मजबूत किया जाएगा। बहरीन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पहलों का समर्थन किया और ईरान के साथ हुए MoU का स्वागत किया, लेकिन यह साफ किया कि कोई भी समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए होना चाहिए।

बैठक के दौरान Marco Rubio ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों की सुरक्षा को कमजोर करने वाला कोई काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी तरह से अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है और ईरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में खाड़ी देशों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को खुला और मुक्त रहना चाहिए और इस पर टोल वसूलने की ईरान की मांग का अमेरिका विरोध करता है।

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब इलाके में तनाव काफी ज्यादा है। हाल ही में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे, जिसकी GCC देशों ने कड़ी निंदा की थी। दूसरी तरफ, लेबनान में इसराइली सैन्य हमलों में दो लोगों की मौत हो गई है और इसराइली सेना ने वहां के दक्षिणी इलाके से हटने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका के विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरे का मकसद समुद्री सुरक्षा और आर्थिक बदलावों पर खाड़ी देशों के साथ तालमेल बिठाना है। वहीं, पूर्व अमेरिकी राजदूत William V. Roebuck ने कहा कि Rubio को अपने सहयोगियों को यह भरोसा दिलाना होगा कि ईरान के साथ डील की चर्चाओं के बीच अमेरिका उन्हें अकेला नहीं छोड़ रहा है।