अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio बुधवार 24 जून 2026 को अबू धाबी पहुंचे। वहां उन्होंने UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद क्षेत्र में शांति बनाए रखना और अमेरिका व ईरान के बीच हुए समझौतों के असर पर चर्चा करना था।
UAE की सुरक्षा का वादा
Marco Rubio ने साफ़ कहा कि अमेरिका UAE की सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने ईरान के हालिया हमलों के दौरान UAE ने जो हिम्मत और मजबूती दिखाई, उसकी तारीफ की।
ईरान के साथ डील और विवाद
दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति Trump द्वारा ईरान के साथ किए गए ‘अंतरिम शांति समझौते’ पर बात की। यह समझौता अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान की चार महीने लंबी जंग के बाद हुआ है।
Strait of Hormuz पर बड़ा बयान
बैठक में Strait of Hormuz से जहाजों के आने-जाने को सुरक्षित बनाने पर ज़ोर दिया गया। Rubio ने साफ़ तौर पर कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और कोई भी देश यहां टोल या फीस नहीं वसूल सकता। ईरान और ओमान द्वारा नेविगेशन शुल्क मांगने की बातों को उन्होंने खारिज कर दिया।
ईरानी प्रॉक्सी और अन्य चिंताएं
Rubio ने कहा कि अगर इलाके में स्थायी शांति चाहिए, तो ईरान को अपने प्रॉक्सी हमलों को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान की लीडरशिप को यह तय करना होगा कि वे एक देश की तरह काम करना चाहते हैं या फिर आतंकवाद फैलाने वाले क्रांतिकारी आंदोलन की तरह।
खाड़ी देशों को यह चिंता थी कि अमेरिका और ईरान की डील में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और उसके प्रॉक्सी समूहों पर कड़ा एक्शन नहीं लिया गया है।
पुनर्निर्माण फंड पर स्पष्टीकरण
ईरान के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर के रिकंस्ट्रक्शन फंड को लेकर भी चर्चा हुई। Rubio ने साफ़ कर दिया कि अमेरिका इस फंड के लिए खाड़ी देशों से कोई आर्थिक मदद नहीं मांगेगा।
