अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने Al Jazeera को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा है कि राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के साथ जारी संघर्ष को कूटनीति और बातचीत के जरिए खत्म करना चाहते हैं। रूबियो के मुताबिक, अमेरिका फिलहाल मध्यस्थों के जरिए ईरान से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन का यह भी मानना है कि यह जंग अभी दो से चार हफ्तों तक और खिंच सकती है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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राष्ट्रपति ट्रम्प की चेतावनी और बातचीत की कोशिशें

राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ समझौते को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बन सकती है, लेकिन साथ ही उन्होंने कड़े तेवर भी दिखाए हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान जल्द ही किसी समझौते पर राजी नहीं होता, तो उसके ऊर्जा संसाधनों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसमें पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination Plants) भी शामिल हैं। अमेरिका इस संभावना के लिए भी तैयार है कि ईरान उनकी कूटनीतिक कोशिशों को ठुकरा सकता है।

क्षेत्र में तनाव और हालिया सैन्य गतिविधियां

पिछले 24 घंटों में इस तनाव का असर सऊदी अरब और इजरायल के आसपास भी देखा गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा और उड़ानों से जुड़ी जानकारियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। हालिया घटनाओं का ब्यौरा नीचे दिया गया है:

घटना विवरण
सैनिकों पर हमला सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर हुए हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए।
हवाई क्षेत्र पाबंदी स्पेन ने अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर दिया है।
मध्यस्थता Pakistan को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
6 अरब देशों का रुख Saudi Arabia, UAE और कतर समेत 6 देशों ने इराक से होने वाले हमलों की निंदा की है।

ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे किसी भी तरह की बातचीत नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार अमेरिका के बयान सिर्फ तेल की कीमतें कम करने और सैन्य तैयारियों के लिए वक्त जुटाने का एक तरीका हैं। वहीं रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ईरान में जमीनी अभियान शुरू करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, जिसमें विशेष सुरक्षा बल शामिल हो सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.