अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मनीला में आयोजित एक बैठक के दौरान ईरान को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नियंत्रित करने और वहां टोल वसूलने की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के लिए एक खतरनाक मिसाल पेश कर रही हैं। रूबियो ने ईरान को सीधे तौर पर इस पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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ग्लोबल इकोनॉमी पर संकट
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान की मांगें न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल रही हैं, बल्कि यह नेविगेशन की आजादी के मूल सिद्धांत के भी खिलाफ है। Marco Rubio ने स्पष्ट किया कि हालांकि अमेरिका वैश्विक शिपिंग की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दूसरे देशों को भी इस जिम्मेदारी को साझा करने के लिए संसाधनों में योगदान देना चाहिए। बीते 20 जुलाई 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब सुरक्षित नहीं है और उन्होंने वहां टैंकरों को निशाना बनाया है।
लगातार सैन्य कार्रवाई और सुरक्षा स्थिति
इस तनाव के बीच, U.S. Central Command ने 22 जुलाई 2026 को ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 11वीं रात हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 जुलाई 2026 को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की संख्या तीन हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गई है। आसियान देशों के विदेश मंत्रियों ने इस क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता पर चिंता जाहिर की है और होर्मुज के रास्ते को फिर से सुरक्षित और निर्बाध बनाने की मांग की है।
