US Secretary of War: अमेरिकी युद्ध सचिव ने किया बड़ा दावा, ईरान के समुद्री रास्तों पर हमेशा रहेगा कड़ा पहरा.

अमेरिका के युद्ध सचिव Peter Hegseth ने 13 अगस्त 2026 को यह बड़ा ऐलान किया है कि अमेरिकी सेना के पास ईरानी बंदरगाहों पर अनिश्चित काल तक नौका नाकाबंदी बनाए रखने की पूरी ताकत मौजूद है। पनामा में पत्रकारों से बात करते हुए Peter Hegseth ने अमेरिकी नौसेना की ताकत की तारीफ की और कहा कि दुनिया के किसी भी अन्य देश के पास इस स्तर की वैश्विक शक्ति नहीं है। राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान के बाद यह बात सामने आई जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस नीति को लागू करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण रखता है। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग की वेबसाइट US War Department पर दी गई है।
सामरिक आंकड़े और वाणिज्यिक जहाजों पर असर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड से मिले आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के मध्य में युद्धविराम टूटने के बाद जब नाकाबंदी फिर से शुरू की गई, तब से ईरान से जुड़े 59 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया है। इसके अलावा 3 जहाजों को निष्क्रिय किया गया और 2 जहाजों पर कब्जा किया गया। Peter Hegseth ने भले ही यह सुझाव दिया कि बातचीत के जरिए मामला सुलझाना उनकी पहली पसंद है, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि बातचीत विफल होती है तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में अधिक जानकारी Secretary of War Official Portal पर उपलब्ध है।
ईरान की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इस नाकाबंदी को समुद्री डकैती बताया है और ओमान के नेतृत्व में चल रहे नाजुक कूटनीतिक प्रयासों के बीच जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है। इस पूरे तनाव का असर उन तमाम लोगों पर भी पड़ रहा है जो इस क्षेत्र से जुड़े हैं या यात्रा करते हैं। खाड़ी देशों में बने इस तनावपूर्ण माहौल के कारण सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं और हर कोई इस बात पर नजर बनाए हुए है कि आने वाले दिनों में यह कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध किस दिशा में आगे बढ़ता है।