अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच खाड़ी देशों में तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के सामने पेश हुए हैं। इस सुनवाई के दौरान युद्ध के भारी-भरकम खर्च और डगमगाते संघर्षविराम (Ceasefire) को लेकर कड़े सवाल पूछे गए। इस बीच सोमवार, 1 जून को ईरान द्वारा कुवैत पर किए गए मिसाइल हमले ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और विशेष रूप से भारतीय प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी संसद में विदेश मंत्री मार्को रुबियो से क्या सवाल पूछे गए?
मार्को रुबियो, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं, को हाउस और सीनेट समितियों के सामने तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। सुनवाई के दौरान निम्नलिखित मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई:
- संसद में अमेरिकी विदेश विभाग के सालाना बजट पर चर्चा होनी थी, लेकिन पूरा ध्यान ईरान के साथ चल रहे युद्ध और कूटनीतिक प्रयासों पर ही टिका रहा।
- सांसदों ने अमेरिका और तेहरान के बीच कमजोर पड़ते संघर्षविराम और असफल होती कूटनीतिक कोशिशों पर सवाल उठाए।
- डेमोक्रेट्स इस बात से नाराज दिखे कि इस युद्ध के लिए संसद की मंजूरी नहीं ली गई, वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इस युद्ध के भारी-भरकम बजट और आर्थिक नुकसान पर सवाल खड़े किए।
कुवैत पर मिसाइल हमला और सीजफायर की क्या है वर्तमान स्थिति?
पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच हमले तेज हो गए हैं जिससे सीजफायर पूरी तरह से खतरे में आ गया है। इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के ड्रोन और रडार ठिकानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने सोमवार, 1 जून को अमेरिकी सहयोगी देश कुवैत पर मिसाइलें दागीं। कुवैत में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय रहते हैं, जिससे वहां सुरक्षा को लेकर चिंता है।
- इधर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हमलों की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका के अनुरोध पर 2 जून को इजराइल ने बड़े हमलों को रोकने का फैसला किया है। अब इजराइल वहां केवल लक्षित कार्रवाई करेगा।
शांति वार्ता और ईरान का क्या रुख है?
लेबनान में इजरायली हमलों के बाद ईरान ने सोमवार को अमेरिका के साथ शांति वार्ता को निलंबित करने का एलान कर दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा है कि बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी (Abbas Araghchi) ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ सीजफायर तभी माना जाएगा जब यह लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लागू हो। एक भी मोर्चे पर नियमों का उल्लंघन पूरे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध कब शुरू हुआ था?
अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ था।
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता क्यों रोक दी है?
लेबनान में इजराइल द्वारा हमलों को तेज किए जाने के बाद ईरान ने सोमवार, 1 जून को अमेरिका के साथ अपनी शांति वार्ताओं को निलंबित करने की घोषणा की।
