अमेरिका ने जब्त किया ईरान का जहाज, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया चीन पर तोहफा भेजने का आरोप, चीन ने किया इनकार
अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक जहाज ‘तौस्का’ (Touska) को जब्त कर लिया है। इस घटना के बाद अमेरिका और चीन के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि इस जहाज में चीन की तरफ से ईरान के लिए कोई खास तोहफा था, जबकि चीन इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बता रहा है।
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जहाज की जब्ती और अमेरिकी कार्रवाई में क्या हुआ?
20 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नेवी के जहाज USS Spruance ने ओमान की खाड़ी में ईरानी-ध्वज वाले जहाज ‘तौस्का’ को रोका। जब जहाज ने रुकने के आदेश नहीं माने, तो अमेरिकी बलों ने उसके इंजन सिस्टम को निष्क्रिय करने के लिए फायरिंग की और जहाज पर कब्जा कर लिया। यह जहाज ईरान के अब्बास बंदरगाह की तरफ जा रहा था और इसका संबंध IRISL कंपनी से था, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
चीन और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस जहाज में चीन की ओर से ईरान के लिए एक तोहफा था। वहीं, निक्की हेली ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उसमें मिसाइलों के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक सामान थे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक विदेशी कंटेनर जहाज था और चीन अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है।
ईरान की प्रतिक्रिया और ताजा हालात क्या हैं?
ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और अमेरिका इसके लिए जिम्मेदार होगा। इस विवाद की वजह से ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका के साथ शांति वार्ता में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। दूसरी तरफ, ट्रंप ने चीन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिस पर चीन ने भी जवाबी कार्रवाई की बात कही है।