अमेरिका ने चीन से ईरान जा रहे जहाज को रोका, डोनाल्ड ट्रंप बोले- मिला था हथियारों का ‘तोहफा’
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने चीन से ईरान जा रहे एक मालवाहक जहाज को पकड़ लिया है। ट्रंप के मुताबिक इस जहाज में ईरान के लिए कोई तोहफा भेजा जा रहा था, जो असल में हथियार थे। इस कार्रवाई के बाद चीन और ईरान दोनों ने अमेरिका के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है।
अमेरिकी सेना ने कैसे रोका यह जहाज?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 19 और 20 अप्रैल 2026 को ओमान की खाड़ी में MV Touska नाम के जहाज को रोका गया। इस ऑपरेशन में USS Spruance मिसाइल विध्वंसक और अमेरिकी मरीन शामिल थे। सेना ने जहाज को 6 घंटे पहले चेतावनी दी थी, लेकिन जब वह नहीं रुका तो उसके इंजन को बेकार कर दिया गया और मरीन ने जहाज पर कब्जा कर लिया। अब सेना यह जांच कर रही है कि जहाज के अंदर क्या सामान था।
ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच क्या हुई थी बात?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ इस बात पर समझ बनी थी कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेजेगा। ट्रंप के अनुसार, एक हफ्ते पहले ही शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया था। इस घटना पर ट्रंप ने आश्चर्य जताया है और कहा कि उन्हें लगा था कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी है।
जहाज और विवाद से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज का नाम | MV Touska |
| घटना की तारीख | 19-20 अप्रैल 2026 |
| घटना की जगह | ओमान की खाड़ी |
| चीन का रुख | चिंता जताई और संयम बरतने को कहा |
| ईरान का रुख | इसे समुद्री डकैती बताया और रिहाई की मांग की |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान की कोशिशों से संघर्ष विराम वार्ता चल रही है |
| कानूनी मुद्दा | संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा संकल्प 1929 का उल्लंघन |