अमेरिका ने समुद्र में ईरान से जुड़े दो तेल टैंकर Majestic X और Tifani को अपने कब्जे में ले लिया है. इस खबर के बाद ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस घटना से समुद्री रास्तों और तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हलचल मच सकती है.
अमेरिका ने टैंकर क्यों पकड़े और ईरान का क्या रिएक्शन है?
अमेरिकी सेना ने Indian Ocean में Majestic X टैंकर को 23 अप्रैल 2026 के आसपास पकड़ा. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज ईरानी तेल की तस्करी में शामिल था. इससे पहले Tifani टैंकर को भी अमेरिका ने जब्त किया था. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती और सशस्त्र लूटपाट कहा है. उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि वह अवैध नेटवर्क को रोकने के लिए समुद्र में ऐसी कार्रवाई जारी रखेगा.
रूस, ब्रिटेन और UN ने इस विवाद पर क्या कहा?
- रूस: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की. पुतिन ने कहा कि रूस मिडिल ईस्ट में शांति लाने में मदद करेगा और उन्होंने ईरानी लोगों के साहस की तारीफ की.
- ब्रिटेन: ब्रिटेन के मंत्री Stephen Doughty ने कहा कि वे ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी का समर्थन नहीं करते, लेकिन Strait of Hormuz को फिर से खोलने के पक्ष में हैं ताकि व्यापार सुरक्षित रहे.
- UN: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने मांग की है कि जहाजों को बिना किसी भेदभाव और टोल के गुजरने दिया जाए ताकि ग्लोबल इकोनॉमी फिर से पटरी पर आ सके.
Strait of Hormuz और व्यापार पर क्या असर होगा?
Strait of Hormuz दुनिया के लिए तेल सप्लाई का एक बहुत जरूरी रास्ता है. ईरान ने ऑफर दिया है कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी खत्म करता है और विवाद सुलझाता है, तो वह इस रास्ते पर अपना नियंत्रण छोड़ देगा. फिलहाल अमेरिका ने सीजफायर को तो बढ़ाया है लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, जिससे तनाव बना हुआ है.