अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह कमजोर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सरकार ने ईरान से जुड़े करोड़ों डॉलर के क्रिप्टो एसेट्स को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद तेहरान के फंड्स के लेन-देन के रास्तों को बंद करना है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना न कर सके।
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कितने पैसे जब्त हुए और किसने की कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने ईरान से जुड़े दो ब्लॉकचेन वॉलेट्स पर प्रतिबंध लगाया। इसके बाद Tether कंपनी ने इन वॉलेट्स में रखे 344 मिलियन डॉलर के USDT स्टेबलकॉइन को फ्रीज कर दिया। हालांकि, अल जज़ीरा की रिपोर्ट में इस रकम को 450 मिलियन डॉलर बताया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य संस्था | US Treasury (OFAC) |
| जब्त रकम (रिसर्च) | 344 मिलियन डॉलर |
| जब्त रकम (Al Jazeera) | 450 मिलियन डॉलर |
| क्रिप्टो करेंसी | USDT (Stablecoin) |
| सहयोगी कंपनी | Tether |
| टारगेट संस्थाएं | Central Bank of Iran और IRGC |
| अभियान का नाम | Economic Fury |
अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया
यूएस ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अप्रैल 2026 को बताया कि यह कार्रवाई ‘Economic Fury’ कैंपेन का हिस्सा है। अमेरिका चाहता है कि तेहरान अपनी संपत्ति को देश से बाहर न भेज सके और उसकी वित्तीय जीवन रेखा को खत्म किया जा सके। ईरान अक्सर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करता था, जिसे अब रोकने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे मामले में Tether के CEO Paolo Ardoino ने कहा कि उनकी कंपनी कानून लागू करने वाली एजेंसियों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम ईरान की उन कोशिशों को रोकने के लिए उठाया गया है जिससे वह अपने फंड्स को देश के बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के कितने पैसे जब्त किए?
रिसर्च के मुताबिक 344 मिलियन डॉलर के USDT फ्रीज किए गए हैं, जबकि अल जज़ीरा की रिपोर्ट में यह रकम 450 मिलियन डॉलर बताई गई है।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ‘Economic Fury’ अभियान के तहत ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और उनके फंड ट्रांसफर करने के रास्तों को बंद करना है।