अमेरिका ने ईरान सरकार की कमर तोड़ने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। US Treasury ने ईरान की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी करोड़ों डॉलर की रकम फ्रीज कर दी है। यह सब ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत किया गया है ताकि ईरान की आर्थिक ताकत को कम किया जा सके और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग रोकी जा सके।

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अमेरिका ने कितना पैसा ज़ब्त किया और यह कैसे हुआ?

अमेरिकी खजाना सचिव स्कॉट बेसेंट ने कन्फर्म किया कि विभाग ने ईरान से जुड़ी 344 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज कर दी है। इस काम में Tether नाम की कंपनी ने अमेरिका के साथ तालमेल बिठाया और दो डिजिटल वॉलेट्स को ब्लॉक किया जो ईरान के सेंट्रल बैंक के थे। मार्च 2021 से इन वॉलेट्स में करीब 370 मिलियन डॉलर जमा हो चुके थे। अमेरिका की OFAC एजेंसी ने साफ़ कर दिया है कि डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए नहीं किया जा सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई होगी।

‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ क्या है और ईरान पर क्या असर पड़ेगा?

यह अमेरिका का एक बड़ा प्लान है जिसका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह जकड़ना है। इसके तहत न सिर्फ डिजिटल पैसा ज़ब्त किया गया है, बल्कि ईरान के तेल कारोबार पर भी हमला किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान का मुख्य तेल केंद्र ‘खार्ग आइलैंड’ अब अपनी स्टोरेज क्षमता के करीब पहुंच गया है। इसका मतलब है कि ईरान अब अपना तेल स्टोर नहीं कर पाएगा, जिससे उसे उत्पादन कम करना पड़ेगा और भारी आर्थिक नुकसान होगा। अमेरिका अब ईरान के उन जहाजों और गुप्त बैंकिंग सिस्टम पर भी नज़र रख रहा है जिनका इस्तेमाल तेल बेचने के लिए किया जाता है।

विवरण जानकारी
ज़ब्त राशि 344.2 मिलियन डॉलर
मुख्य अधिकारी स्कॉट बेसेंट (Treasury Secretary)
सहयोगी संस्था Tether (स्टेबलकॉइन जारीकर्ता)
ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी
प्रभावित संस्थाएं ईरान का सेंट्रल बैंक, IRGC-Qods फोर्स और हिज़बुल्लाह
रणनीतिक निशाना खार्ग आइलैंड (तेल स्टोरेज)
संबंधित एजेंसी OFAC (अमेरिकी खजाना विभाग)

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान की कितनी क्रिप्टोकरेंसी ज़ब्त की है?

अमेरिकी खजाना विभाग ने Tether के साथ मिलकर ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़े वॉलेट्स से लगभग 344.2 मिलियन डॉलर की डिजिटल संपत्ति फ्रीज की है।

ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का मुख्य लक्ष्य क्या है?

इस ऑपरेशन का लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना, उसके तेल निर्यात को रोकना और आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग को पूरी तरह बंद करना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.