US-Iran Tension: अमेरिका ने जब्त किया ईरान का जहाज Touska, ईरान ने UN को लिखी चिट्ठी, कहा यह समुद्री डकैती है
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक कमर्शियल जहाज ‘Touska’ को अपने कब्जे में ले लिया है. इस घटना के बाद ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और अमेरिका पर समुद्री डकैती का आरोप लगाया है. ईरान ने अपने जहाज और चालक दल को तुरंत रिहा करने की मांग की है.
ईरान ने UN से क्या मांग की है?
ईरान के UN राजदूत अमीर सईद इरावानी ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को एक पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और यह हमला समुद्री डकैती जैसा है. ईरान का दावा है कि इस घटना से जहाज के क्रू और उनके परिवारों की जान को खतरा पैदा हुआ. उन्होंने मांग की है कि UN इस घटना की कड़ी निंदा करे और दोषियों की जवाबदेही तय करे.
अमेरिका ने जहाज क्यों पकड़ा और क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अप्रैल 2026 को इस जहाज को जब्त करने की जानकारी दी थी. ट्रंप के मुताबिक, यह ईरान का जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों (Sanctions) के दायरे में था, इसलिए इसे पकड़ा गया. उन्होंने बताया कि जब जहाज ने रुकने की चेतावनी नहीं मानी, तो अमेरिकी नौसेना ने उसके इंजन रूम में हमला कर उसे रोक दिया. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी जारी रखेगा.
सीजफायर और वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल 2026 को एक सीजफायर हुआ था. ईरान का कहना है कि जहाज को जब्त करना इस समझौते का बड़ा उल्लंघन है और यह एक आक्रामक कदम है. दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल 2026 को सीजफायर की समय सीमा बढ़ाने का ऐलान किया. हालांकि, नाकाबंदी और जहाजों की जब्ती जैसी कार्रवाई जारी रहने से ओमान की खाड़ी में तनाव बना हुआ है.