US Navy ने ईरान के जहाज Touska पर किया हमला, इंजन रूम उड़ाया और कब्जा किया, मचा बवाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ओमान के समुद्र में ईरान के एक कमर्शियल जहाज ‘Touska’ को पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने जहाज के चालक दल को बंधक बना लिया है, जिसे लेकर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है।
अमेरिका ने ईरान के जहाज को क्यों पकड़ा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह जहाज अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी (blockade) का उल्लंघन कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब उसने बात नहीं मानी तो उसके इंजन रूम में छेद कर उसे रोका गया। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिबंधों की सूची में था और इस पर ऐसी चीजें थीं जिनका इस्तेमाल सेना में भी हो सकता है।
ईरान ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि यह समुद्री डकैती और आतंकवाद जैसा काम है। उनका दावा है कि यह कार्रवाई 7 अप्रैल को हुए सीजफायर समझौते के खिलाफ है। ईरान ने इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
जहाज पर क्या हुआ और अब क्या स्थिति है?
ईरान की सेना ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों ने जहाज के नेविगेशन सिस्टम को खराब कर दिया और जबरन डेक पर कब्जा किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इस हमले का जवाब देंगे। दूसरी ओर, अमेरिका ने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से शुरू हुई नाकेबंदी के बाद अब तक 27 जहाजों को रोका जा चुका है। फिलहाल अमेरिकी मरीन इस जहाज और इसमें रखे सामान की जांच कर रहे हैं।