अमेरिकी सीनेट की कॉमर्स कमेटी ने 22 जुलाई 2026 को एक नए कानून को मंजूरी दी है, जिससे चीनी ऑटो कंपनियों का अमेरिका में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। इस कानून का नाम ‘Connected Vehicle Security Act’ रखा गया है। इसके तहत अगर किसी कंपनी में चीनी हिस्सेदारी 15% से ज्यादा है, तो उसे अमेरिका में वाहन बेचने से रोका जा सकता है।

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Mercedes-Benz के लिए मुसीबत

इस फैसले का सीधा असर जर्मन कंपनी Mercedes-Benz Group AG पर पड़ सकता है। फिलहाल इस कंपनी में चीनी स्वामित्व करीब 20% के आसपास है। इसमें BAIC की 9.98% और Geely के मालिक Li Shufu की फर्म की 9.69% हिस्सेदारी शामिल है। अमेरिका के नए नियमों के हिसाब से यह सीमा से ज्यादा है।

क्या होगा कंपनियों का

इस कानून के तहत जो कंपनियां अमेरिका में नहीं हैं, उन पर तुरंत बैन लग जाएगा। वहीं, Mercedes-Benz जैसी कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए 2030 तक का समय दिया जाएगा। रिपब्लिकन सीनेटर Bernie Moreno और डेमोक्रेटिक सीनेटर Elissa Slotkin का कहना है कि चीनी गाड़ियां सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इन्हें एक तरह से चलते-फिरते सर्विलांस सिस्टम की तरह देखा जा रहा है।

वर्तमान में Mercedes-Benz इस कानून को नरम करने की कोशिश कर रही है। उनका तर्क है कि किसी एक शेयरहोल्डर के पास 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं है। हालांकि, अमेरिकी lawmakers इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस सीमा को बढ़ाकर 25% किया जाए या फिर सुरक्षा जांच के आधार पर फैसला लिया जाए।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.