अमेरिका की सीनेट में एक बार फिर ईरान पर सैन्य हमलों को रोकने वाले बिल को खारिज कर दिया गया है. यह चौथी बार है जब रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने इस कोशिश को नाकाम किया है. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की खुली छूट रहेगी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है.

बिल S. J. Res. 123 क्या था और इसे क्यों लाया गया?

यह बिल Senator Tammy Duckworth ने पेश किया था. इसका मुख्य मकसद यह था कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के ईरान पर नए हमले न कर सकें. बिल में मांग की गई थी कि अमेरिकी सेना को ईरान से तब तक हटाया जाए जब तक कांग्रेस औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा न कर दे. हालांकि, आत्मरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने जैसे जरूरी कामों के लिए इसमें छूट दी गई थी.

इस पूरे विवाद की मुख्य बातें क्या हैं?

सीनेट में हुई वोटिंग और मौजूदा हालात को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

विवरण जानकारी
वोटिंग परिणाम 47-52 के अंतर से बिल खारिज हुआ
वोटिंग की तारीख 16 अप्रैल 2026
बिल का नाम The Duckworth War Powers Resolution
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
सैन्य कार्रवाई अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबोया

आम लोगों और पड़ोसी देशों पर इसका क्या असर होगा?

इस सैन्य टकराव का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है. इस तनाव की वजह से कुवैत और बहरीन जैसे देशों पर भी ईरान ने हमले किए हैं. वहीं इसराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर स्ट्राइक की है. डेमोक्रेट्स का कहना है कि कांग्रेस को इस युद्ध में किनारे कर दिया गया है, जबकि रिपब्लिकन नेता Lindsey Graham का मानना है कि राष्ट्रपति के पास कमांडर-इन-चीफ होने के नाते हमले करने का पूरा अधिकार है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.