अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सीनेट में अल्पसंख्यक नेता Chuck Schumer ने राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया भाषण की कड़ी आलोचना की है। शूमर ने ट्रंप के संबोधन को बेहद कमजोर बताते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रपति द्वारा दिया गया अब तक का सबसे अव्यवस्थित युद्धकालीन भाषण है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध को लेकर ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी लक्ष्य पूरे होने के करीब हैं, लेकिन विपक्षी नेताओं ने इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी कूटनीतिक गलती करार दिया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति के भाषण पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

अमेरिकी संसद के कई वरिष्ठ नेताओं ने ट्रंप के भाषण और युद्ध को लेकर उनके रवैये पर नाराजगी जताई है। इस विवाद के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • Chuck Schumer: उन्होंने ट्रंप को कमांडर-इन-चीफ के पद के लिए पूरी तरह से अयोग्य बताया और उनके भाषण को भ्रामक कहा।
  • Hakeem Jeffries: हाउस माइनॉरिटी लीडर ने कहा कि अमेरिकी जनता इस युद्ध की अराजकता और भारी खर्च से थक चुकी है।
  • Marjorie Taylor Greene: कभी ट्रंप की करीबी रही ग्रीन ने भी निराशा जताई और कहा कि भाषण में सिर्फ युद्ध की बात थी, लेकिन आम लोगों की महंगाई और कर्ज की समस्या को नजरअंदाज किया गया।
  • Marco Rubio: हालांकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप के भाषण को शक्तिशाली बताया और कहा कि अमेरिका के लक्ष्य स्पष्ट हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच दावों की क्या है हकीकत?

युद्ध के मैदान और बातचीत की मेज पर पिछले 24 घंटों में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही है। ट्रंप के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है। नीचे दी गई टेबल से वर्तमान स्थिति को समझा जा सकता है:

विषय ट्रंप का दावा ईरान और अन्य का पक्ष
युद्धविराम (Ceasefire) ईरान के राष्ट्रपति ने युद्ध रोकने की विनती की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह झूठा बताया है।
सत्ता परिवर्तन पुराने नेता खत्म हो चुके हैं और शासन बदल गया है। ईरानी अधिकारियों ने इसे निराधार और काल्पनिक कहा है।
सैन्य हमले ईरान को अगले दो-तीन हफ्तों में कड़ी चोट देंगे। काशान एयरपोर्ट और इस्फहान के शहरों को निशाना बनाया गया है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और आम जनता पर असर

इस युद्ध का असर अब केवल सीमा तक सीमित नहीं है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 48 घंटों के भीतर हमलों की चेतावनी जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों को इराक छोड़ने के लिए कहा है। इज़राइल ने भी दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ सकते हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी जनता को पत्र लिखकर इस युद्ध को रोकने की अपील की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com