अमेरिका की सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने के लिए एक बार फिर वोटिंग होने जा रही है. सीनेट माइनॉरिटी लीडर Chuck Schumer ने बताया कि डेमोक्रेट्स मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को इस प्रस्ताव पर पांचवीं बार वोट डालेंगे. उनका कहना है कि जब तक युद्ध खत्म नहीं होता, वे हर हफ्ते ऐसी वोटिंग कराएंगे ताकि राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाइयों पर लगाम लगाई जा सके.

यह वोटिंग क्यों कराई जा रही है और क्या है विवाद

डेमोक्रेट्स का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान पॉलिसी पूरी तरह नाकाम रही है. Chuck Schumer ने इसे ‘Operation Epic Failure’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस युद्ध की वजह से गैस की कीमतें बढ़ गई हैं और अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय साख कम हुई है. उनका तर्क है कि किसी भी राष्ट्रपति को अपनी मर्जी से देश को युद्ध में ले जाने का अधिकार नहीं होना चाहिए, इसलिए कांग्रेस को अपनी संवैधानिक ताकत का इस्तेमाल करना होगा.

War Powers Resolution और इसके कानूनी नियम

यह मामला 1973 के War Powers Resolution कानून से जुड़ा है. इस कानून के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के सेना को किसी युद्ध में भेजते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के भीतर सैनिकों को वापस बुलाना होता है. यह प्रस्ताव ‘प्रिविलेज्ड’ होता है, जिसका मतलब है कि कोई भी सीनेटर इसे फाइल करने के 10 दिन बाद सीनेट फ्लोर पर वोटिंग के लिए ला सकता है.

ईरान विवाद और अब तक की मुख्य घटनाएं

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हुआ
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
15 अप्रैल 2026 चौथी बार लाया गया युद्ध रोकने का प्रस्ताव सीनेट में खारिज हुआ
20 अप्रैल 2026 Chuck Schumer ने पांचवीं वोटिंग का ऐलान किया
21 अप्रैल 2026 पांचवीं वोटिंग के लिए तय तारीख
22 अप्रैल 2026 पाकिस्तान द्वारा कराया गया युद्धविराम खत्म होने की तारीख
1 मई 2026 सेना वापस बुलाने की 60 दिनों की कानूनी समय सीमा
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com