अमेरिका की सीनेट में ईरान को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण वोटिंग हुई है। यहाँ एक प्रस्ताव पेश किया गया था कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोका जाए, लेकिन इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। यह मुकाबला बहुत कड़ा था और केवल एक वोट के अंतर से यह फैसला आया, जिसमें 50 सदस्यों ने प्रस्ताव के खिलाफ और 49 ने इसके समर्थन में वोट दिया।
War Powers Resolution क्या है और विवाद क्यों हुआ?
इस पूरे विवाद की जड़ 1973 का War Powers Resolution कानून है। इस नियम के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति बिना युद्ध की घोषणा के सेना भेजते हैं, तो उन्हें 48 घंटे के भीतर कांग्रेस को इसकी जानकारी देनी होती है। साथ ही, बिना मंजूरी के यह कार्रवाई केवल 60 दिनों तक ही चल सकती है।
- 28 फरवरी 2026: राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।
- 2 मार्च 2026: कांग्रेस को औपचारिक रूप से सूचित किया गया, जिससे 60 दिनों की समय सीमा शुरू हुई।
- 1 मई 2026: कांग्रेस की मंजूरी की 60 दिनों की समय सीमा खत्म हो गई।
डेमोक्रेट्स का कहना है कि राष्ट्रपति अब कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन का दावा है कि अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह समय सीमा फिर से शुरू हो गई या खत्म हो गई।
ईरान विवाद और सैन्य कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें
सीनेट के भीतर इस मुद्दे पर गहरा मतभेद दिखा। जहाँ डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करना चाहते थे, वहीं अधिकतर रिपब्लिकन उनके समर्थन में खड़े रहे। हालांकि, तीन रिपब्लिकन सांसदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
इस सैन्य अभियान से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- लागत: पेंटागन के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर Jay Hurst ने इस युद्ध का कुल खर्च 29 बिलियन डॉलर बताया है।
- प्रशासन का रुख: रक्षा सचिव Pete Hegseth ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के पास किसी भी समय कार्रवाई को फिर से शुरू करने का पूरा अधिकार है।
- विवाद: सीनेटर Lisa Murkowski का मानना है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी अभी भी जारी है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि युद्ध खत्म हो गया है।
सऊदी अरब का इस स्थिति पर क्या स्टैंड है?
इस तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। सऊदी अरब के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Dr. Raed Qarmli ने 8 मई 2026 को बयान दिया कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का समर्थन करता है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी सैन्य अभियान में सहयोग कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सीनेट में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर क्या फैसला हुआ?
13 मई 2026 को अमेरिकी सीनेट ने उस प्रस्ताव को 50-49 के वोट से खारिज कर दिया, जो बिना कांग्रेस की मंजूरी के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने की मांग कर रहा था।
ईरान के खिलाफ इस सैन्य अभियान में कितना खर्च आया?
पेंटागन के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जे हर्स्ट के अनुसार, इस पूरी सैन्य कार्रवाई की अनुमानित लागत 29 बिलियन डॉलर रही है।
