अमेरिका की US Senate ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। 15 अप्रैल 2026 को हुए इस वोटिंग में 47-52 के अंतर से यह प्रस्ताव फेल हो गया। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति Donald Trump अब बिना कांग्रेस की मंजूरी के ईरान पर हमले जारी रख सकते हैं। यह चौथी बार है जब सीनेट में ऐसा कोई प्रस्ताव विफल हुआ है।

Senate में क्या हुआ और क्यों गिरा यह प्रस्ताव?

यह प्रस्ताव War Powers Resolution of 1973 के नियमों पर आधारित था। इसका मुख्य मकसद Donald Trump की शक्तियों को सीमित करना था ताकि वे बिना अनुमति के सैन्य अभियान न चलाएं। Senator Tammy Duckworth ने इस प्रस्ताव का नेतृत्व किया और इसे अवैध युद्ध बताया, लेकिन बहुमत नहीं मिल पाया। Senator Rand Paul एकमात्र रिपब्लिकन थे जिन्होंने इसका समर्थन किया, जबकि Senator John Fetterman एकमात्र डेमोक्रेट थे जिन्होंने इसके खिलाफ वोट दिया।

जंग की मौजूदा स्थिति और आगे क्या होगा?

“Operation Epic Fury” नाम की यह सैन्य कार्रवाई 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी और अब इसे दो महीने होने वाले हैं। नियमों के मुताबिक 1 मई 2026 की समय सीमा तय है, जिसके बाद राष्ट्रपति को या तो कांग्रेस से मंजूरी लेनी होगी या सेना वापस बुलानी होगी। Donald Trump ने कहा है कि यह युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है। व्हाइट हाउस ने यह भी साफ किया है कि ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) पूरी तरह लागू कर दी गई है।

ईरान पर प्रतिबंध और अन्य अपडेट क्या हैं?

  • US Treasury के OFAC विभाग ने ईरान से जुड़े 3 व्यक्तियों, 17 संस्थाओं और 9 जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
  • ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट पिछले 47 दिनों से जारी है, जिससे वहां बातचीत करना मुश्किल हो गया है।
  • पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में कोई बड़ी कामयाबी मिल सकती है।
  • US House of Representatives में 16 अप्रैल को इस मुद्दे पर अलग से वोटिंग होने की उम्मीद है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.