अमेरिका में इसराइल को हथियार देने के मुद्दे पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिकी सीनेट में हथियारों की बिक्री रोकने के लिए वोटिंग हुई. हालांकि हथियारों की सप्लाई रोकने के प्रस्ताव पास नहीं हुए, लेकिन इस बार रिकॉर्ड संख्या में अमेरिकी नेताओं ने इसराइल के खिलाफ वोट किया. इस घटना ने अमेरिका और इसराइल के रिश्तों के बीच आई दरारों को सबके सामने ला दिया है.

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वोटिंग में क्या हुआ और कितने हथियार थे?

16 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सीनेट में दो अहम प्रस्तावों पर वोटिंग हुई. पहला प्रस्ताव 295 मिलियन डॉलर के बुलडोजर की बिक्री रोकने के लिए था, जिसे 40-59 के वोट से खारिज कर दिया गया. दूसरा प्रस्ताव 152 मिलियन डॉलर के बमों की सप्लाई रोकने के लिए था, जिसे 36-63 के वोट से नामंजूर कर दिया गया. भले ही प्रस्ताव गिर गए, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के 47 में से 40 सदस्यों ने बुलडोजर की बिक्री रोकने का समर्थन किया, जो पहले के मुकाबले काफी ज़्यादा है.

हथियार का प्रकार कीमत वोट (रोकने के पक्ष में – विपक्ष में)
बुलडोजर 295 मिलियन डॉलर 40-59
बम (1000 पाउंड) 152 मिलियन डॉलर 36-63

नेताओं ने इसराइल का विरोध क्यों किया?

सीनेटर Bernie Sanders ने इन प्रस्तावों को पेश किया था. उनका कहना था कि इन बुलडोजरों का इस्तेमाल गाजा, वेस्ट बैंक और लेबनान में घरों को गिराने के लिए किया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को अपनी सैन्य मदद का इस्तेमाल करके इसराइल से अत्याचार रोकने की मांग करनी चाहिए. सीनेटर Mark Kelly और Maggie Hassan ने भी प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और राष्ट्रपति Donald Trump के फैसलों को बहुत लापरवाह बताया.

विरोध करने वालों और इसराइल का क्या तर्क है?

दूसरी तरफ, सीनेटर Jim Risch का कहना था कि अगर हथियारों की सप्लाई रोकी गई, तो इससे ईरान को बढ़ावा मिलेगा और इसराइल असुरक्षित हो जाएगा. वहीं इसराइल सरकार ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाते हैं. उनका कहना है कि उनके हमले केवल आतंकी बुनियादी ढांचे और खतरों को खत्म करने के लिए किए जा रहे हैं.

Sushma Kumari

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