US Senate के Minority Leader Chuck Schumer ने ऐलान किया है कि इस हफ्ते ईरान युद्ध को रोकने के लिए छठी बार वोटिंग कराई जाएगी। यह कदम राष्ट्रपति Donald Trump के “war of choice” यानी अपनी पसंद के युद्ध को खत्म करने के लिए उठाया जा रहा है। अमेरिका की संसद अब इस युद्ध पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
War Powers Resolution क्या है और यह क्यों जरूरी है?
यह 1973 का एक संघीय कानून है जो अमेरिकी राष्ट्रपति की युद्ध शुरू करने की शक्ति को सीमित करता है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- राष्ट्रपति को सेना भेजने से पहले कांग्रेस से मंजूरी या युद्ध की घोषणा लेनी पड़ती है।
- अगर राष्ट्रपति बिना मंजूरी के युद्ध शुरू करते हैं, तो उसे 60 दिनों के भीतर खत्म करना होगा।
- ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, इसलिए 1 मई 2026 तक इस युद्ध को 60 दिन पूरे हो जाएंगे।
- इसी वजह से अब अमेरिकी सीनेट में इस मुद्दे पर फिर से वोटिंग की तैयारी है।
अब तक की वोटिंग और नेताओं की राय क्या है?
इस युद्ध को रोकने के लिए पहले भी कई कोशिशें हुईं, लेकिन नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
- 22-23 अप्रैल 2026 को पांचवीं बार वोटिंग हुई थी, जो असफल रही।
- रिपब्लिकन नेता Rand Paul ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेट नेता John Fetterman ने इसके खिलाफ वोट दिया।
- Minority Leader Chuck Schumer ने इस युद्ध को लापरवाह और अलोकप्रिय बताया है। उन्होंने ट्रंप की ईरान नीति को ‘Operation Epic Failure’ करार दिया है।
- Senator Tammy Duckworth ने भी इसे अवैध युद्ध बताते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की है।
ईरान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हलचल है?
एक तरफ जहां अमेरिका के अंदर राजनीतिक लड़ाई चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अपनी रणनीति बदली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने का नया प्रस्ताव दिया है और वह चाहता है कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी खत्म करे। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भी ईरान पर इस समुद्री रास्ते को दोबारा खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं।