अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए लाए गए एक द्विदलीय युद्ध शक्ति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बुधवार दोपहर को हुई वोटिंग में 100 सदस्यीय सदन ने 52-47 के अंतर से इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। यह प्रस्ताव डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सदस्यों द्वारा समर्थित था, जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए कांग्रेस की मंजूरी को अनिवार्य बनाना था। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी सैन्य रणनीतियों को जारी रखने के लिए और अधिक मजबूती मिली है।

वोटिंग के परिणाम और सैन्य अभियान से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • वोटिंग का नतीजा: सीनेट में 52-47 के बहुमत से प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
  • प्रमुख नेतृत्व: रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून और माइक जॉनसन ने प्रस्ताव का विरोध किया, जबकि टिम केन और रैंड पॉल ने इसका समर्थन किया था।
  • हताहतों की संख्या: ईरान में अब तक 780 से अधिक मौतें हुई हैं। कुवैत में एक अमेरिकी बेस पर हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की जान गई है।
  • आर्थिक प्रभाव: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में काफी हलचल देखी जा रही है।

प्रवासियों और आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह तनाव खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए चिंता का विषय है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर परिवहन और विमान सेवाओं के किराए पर पड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना तैनात करने की बात कही है। पेंटागन जल्द ही हथियारों के स्टॉक को फिर से भरने के लिए आपातकालीन फंड की मांग कर सकता है। सीनेट के इस फैसले के बाद अब सबकी निगाहें गुरुवार को प्रतिनिधि सभा में होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com