अमेरिका के सीनेटर Lindsey Graham ने ईरान की तरफ से आए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इस प्रस्ताव को बहुत बचकाना बताया और कहा कि ईरान सिर्फ समय बर्बाद कर रहा है और बातचीत को लंबा खींच रहा है. राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान की 14 सूत्रीय योजना को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है.

ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव में क्या शर्तें थीं

ईरान ने युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक विस्तृत योजना पेश की थी. इसमें मुख्य रूप से ये मांगें शामिल थीं:

  • युद्ध को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से समाप्त करना.
  • भविष्य में किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ गारंटी देना.
  • ईरान के पास मौजूद अमेरिकी सैनिकों की वापसी करना.
  • समुद्री पाबंदियों को हटाना और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करना.
  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए नया ढांचा तैयार करना.

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है

सीनेटर Lindsey Graham ने कहा कि ईरान बातचीत में केवल चालें चल रहा है. राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया कि ईरान ने पिछले 47 सालों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी कीमत वह अभी तक नहीं चुकाया है. दूसरी तरफ US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की ‘Economic Fury’ मुहिम ईरान के शासन का गला घोंट रही है. अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी की वजह से ईरान में कोई जहाज नहीं पहुंच पा रहा है.

परमाणु कार्यक्रम और बातचीत की ताजा स्थिति

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ईरान ने परमाणु संवर्धन को 15 साल तक रोकने का सुझाव दिया है. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि 14 सूत्रीय प्लान सिर्फ युद्ध खत्म करने के लिए है और इसमें परमाणु बातचीत शामिल नहीं है. वर्तमान में पाकिस्तान की मदद से वाशिंगटन और तेहरान के बीच गुप्त बातचीत चल रही है, जिसकी पुष्टि US Special Envoy Steve Witkoff ने की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने शांति के लिए क्या प्रस्ताव दिया था

ईरान ने 14 सूत्रीय प्रस्ताव दिया था जिसमें 30 दिन में युद्ध खत्म करने, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और आर्थिक पाबंदियां हटाने जैसी शर्तें शामिल थीं.

अमेरिका ने इस प्रस्ताव को क्यों खारिज किया

राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अस्वीकार्य बताया और सीनेटर ग्राहम ने इसे बचकाना कहा. अमेरिका का मानना है कि ईरान केवल बातचीत को खींचकर समय बर्बाद कर रहा है.