अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच ऐसा कोई भी समझौता होता है जिससे ईरान मजबूत होता है, तो इससे लेबनान और इराक में अस्थिरता बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में भी भारी तनाव पैदा हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बीच इस चेतावनी ने खाड़ी देशों की चिंता को बढ़ा दिया है।

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अमेरिका और ईरान के समझौते से क्यों डरे हुए हैं खाड़ी देश?

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को मजबूत करने वाला कोई भी समझौता इजरायल के लिए एक डरावना सपना साबित होगा। इससे लेबनान में हिजबुल्लाह और इराक में शिया लड़ाकों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहिए जो लंबे समय तक टिक न सके और इस समझौते को अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस की मंजूरी मिलना जरूरी है। इसके अलावा सीनेटर टॉम कॉटन और सीनेटर रोजर विकर ने भी इस समझौते को लेकर चिंता जताई है। कॉटन ने मांग की है कि जो भी कंपनियां ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए टैक्स देती हैं, उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं।

क्या है ट्रंप का दावा और ईरान का इस पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ एक शांति समझौता लगभग फाइनल हो चुका है और जल्द ही इसका एलान किया जाएगा। इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को व्यापार के लिए पूरी तरह खोला जाएगा। हालांकि, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि समझौता होने के बाद भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर उसका ही नियंत्रण रहेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को नहीं खोलता है, तो अमेरिका को प्लान बी तैयार रखना होगा। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर ओमान, कतर और पाकिस्तान जैसे देश भी राजनयिक बातचीत में शामिल हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

सीनेटर ग्राहम के अनुसार, किसी भी समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न करने, संवर्धित यूरेनियम पर अमेरिकी नियंत्रण होने, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह खोलने और आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद बंद करने जैसी सख्त शर्तें शामिल होनी चाहिए।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच क्या मतभेद है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जबकि ईरान का कहना है कि समझौते के बाद भी इस समुद्री रास्ते का पूरा प्रबंधन ईरान के ही हाथ में रहेगा।