अमेरिका के एरिजोना से डेमोक्रेटिक सीनेटर Mark Kelly ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना किसी लक्ष्य और योजना के ईरान युद्ध में कूद गया। इस फैसले की वजह से अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक बहुत कम हो गया है, जिसे दोबारा भरने में कई साल लग सकते हैं।

हथियारों की कमी और सुरक्षा पर क्या असर हुआ?

सीनेटर Mark Kelly ने CBS के इंटरव्यू में बताया कि युद्ध के दौरान अमेरिका ने अपने बहुत ज़रूरी मिसाइल और डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर लिया। उन्होंने इन हथियारों की कमी को चौंकाने वाला बताया है। स्टॉक में कमी आने वाले मुख्य हथियार ये हैं:

  • Tomahawks और ATACMS मिसाइलें
  • SM-3 और THAAD राउंड्स
  • Patriot राउंड्स

Kelly का कहना है कि हथियारों की इस भारी कमी की वजह से अमेरिकी लोग अब कम सुरक्षित हैं। उनका मानना है कि अगर चीन जैसे अन्य देशों के साथ कोई टकराव होता है, तो अमेरिका के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होंगे।

बजट और सरकार की रणनीति पर क्या सवाल उठे?

सीनेटर ने ट्रंप प्रशासन द्वारा मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के डिफेंस बजट को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में कई ऐसी चीज़ें शामिल हैं जिनकी ज़रूरत नहीं है। जब उन्होंने डिफेंस Secretary Pete Hegseth से हथियारों को दोबारा भरने के समय के बारे में पूछा, तो जवाब मिला कि इसमें सालों लग सकते हैं।

इसी बीच, US Energy Secretary Chris Wright ने बताया कि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई प्रगति नहीं हुई, तो Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए मिलिट्री एक्शन लिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका के पास किन मुख्य हथियारों की कमी हुई है?

अमेरिका के पास Tomahawks, ATACMS, SM-3, THAAD और Patriot जैसे महत्वपूर्ण मिसाइल और डिफेंस सिस्टम के राउंड्स की भारी कमी हुई है।

इन हथियारों के स्टॉक को दोबारा भरने में कितना समय लगेगा?

डिफेंस Secretary Pete Hegseth के मुताबिक इस प्रक्रिया में सालों लग सकते हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें एक से चार साल का समय लग सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.