US Senator Chuck Schumer ने रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों से अपील की है कि वे राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान के साथ जंग को रोकने के लिए वोट करें. अमेरिका में बढ़ती ऊर्जा कीमतों की वजह से आम लोग आर्थिक तंगी झेल रहे हैं. इस लड़ाई को खत्म करने के लिए अब अमेरिकी सीनेट में एक बार फिर वोटिंग की तैयारी की जा रही है.

War Powers Resolution क्या है और Schumer क्यों मांग रहे हैं वोट?

Senator Schumer ने रिपब्लिकन सांसदों से कहा है कि वे इस युद्ध को रोकने के पक्ष में मतदान करें. उन्होंने आरोप लगाया कि Donald Trump प्रशासन ने War Powers Resolution के तहत तय 60 दिनों की कानूनी समय सीमा को पार कर लिया है, लेकिन अभी तक कांग्रेस से मंजूरी नहीं ली गई. Schumer ने इस जंग को अवैध और बेकार बताया है. उन्होंने कहा कि इस बिल पर सातवीं बार वोट कराया जाएगा ताकि अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जा सके और जनता पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सके.

शांति प्रस्ताव और Trump का जवाब

ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें फिलहाल नाकाम होती दिख रही हैं. हालिया जानकारी के अनुसार:

  • ईरान ने अपना शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन भेजा था.
  • 11 मई 2026 को Donald Trump ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया और इसे नामंजूर बताया.
  • Trump ने चेतावनी दी कि युद्धविराम अब खत्म होने की कगार पर है.
  • चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने मध्य पूर्व में शांति के लिए चार पॉइंट्स वाला प्लान दिया है, जिसे ईरान ने समर्थन दिया है.

अभी ताजा हालात क्या हैं?

पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना ने ईरान के तेल बंदरगाहों पर हमले किए थे. हालांकि पेंटागन का कहना है कि इसका मकसद युद्ध को दोबारा शुरू करना नहीं था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे युद्ध जारी रहने का सबूत माना है. रक्षा सचिव Pete Hegseth और Trump पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने कानूनी समय सीमा को नजरअंदाज करने की कोशिश की. इस तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Senator Schumer ने रिपब्लिकन सांसदों से क्या अपील की है?

उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों से ईरान के खिलाफ जंग रोकने वाले War Powers Resolution के पक्ष में वोट करने को कहा है ताकि सैनिकों की जान बचाई जा सके और खर्च कम हो.

ईरान के शांति प्रस्ताव पर अमेरिका का क्या रुख है?

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से शांति प्रस्ताव भेजा था, लेकिन 11 मई 2026 को Donald Trump ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया.