अमेरिका की सेना ने Strait of Hormuz के पास ईरान की 6 छोटी नावों को डुबो दिया है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति Donald Trump के ‘Project Freedom’ मिशन के तहत की गई. इस घटना के बाद से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और दुनिया की नजरें इस विवाद पर टिकी हैं.

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‘Project Freedom’ क्या है और अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया?

U.S. Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, ‘Project Freedom’ का मकसद समुद्री जहाजों के लिए रास्ता साफ करना है. राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मिशन की शुरुआत मई 2026 में की ताकि ईरान के हमलों को रोका जा सके. CENTCOM कमांडर Adm. Brad Cooper ने बताया कि इस ऑपरेशन में guided-missile destroyers और 100 से ज्यादा विमानों का इस्तेमाल किया गया. इसमें करीब 15,000 सैनिक तैनात हैं और Apache और MH-60 Seahawk हेलीकॉप्टरों की मदद से उन 6 नावों को खत्म किया गया. अमेरिका फिलहाल ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी भी कर रहा है ताकि वहां से कोई जहाज अंदर या बाहर न जा सके.

ईरान की प्रतिक्रिया और मौजूदा हालात क्या हैं?

ईरान ने अमेरिका के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान की Revolutionary Guards ने कहा कि Strait of Hormuz को ट्रंप के आदेशों से नहीं चलाया जा सकता. वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी अमेरिकी सेना वहां आएगी, उस पर हमला होगा. इस बीच, ईरान ने अमेरिकी जहाजों और UAE पर ड्रोन और मिसाइल से ‘वार्निंग शॉट’ भी दागे हैं. दूसरी तरफ, अमेरिका और बहरीन मिलकर UN में एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं ताकि ईरान को उसकी हरकतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके. शांति वार्ता भी चल रही है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के 14 सूत्री शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom क्या है?

यह अमेरिका का एक सैन्य ऑपरेशन है जिसका उद्देश्य Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित करना और ईरान के हमलों को रोकना है.

इस हमले में अमेरिका ने किन हथियारों का इस्तेमाल किया?

अमेरिका ने इस ऑपरेशन में guided-missile destroyers, 100 से ज्यादा विमान, Apache और MH-60 Seahawk हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया.