उत्तरी इराक में शनिवार, 19 जुलाई को एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब सैनिक ईरान के एक गिराए गए ड्रोन के मलबे को नियंत्रित तरीके से नष्ट (Controlled Detonation) कर रहे थे। इस घटना में एक अन्य सैनिक मामूली रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है। U.S. Central Command (CENTCOM) ने इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए सैनिक का नाम उनके परिवार को सूचना देने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।
घटना की पूरी जानकारी
अमेरिकी सेना के अनुसार, मृतक सैनिक बम विशेषज्ञ नहीं थे, लेकिन विस्फोट के दौरान मलबे या टुकड़ों की चपेट में आने से उनकी जान गई। फरवरी महीने से अब तक ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका के कम से कम 17 से 18 सैनिकों की जान जा चुकी है। इससे पहले शुक्रवार, 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों, 1st Lt. Tyler James Feehan और Pvt. Isabella Gonzales की मौत हो गई थी।
सेना और सरकार की प्रतिक्रिया
अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। पेंटागन प्रमुख Pete Hegseth ने सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए अपना संकल्प दोहराया है, जबकि ऊर्जा सचिव Chris Wright ने ईरान की हरकतों को रोकने पर जोर दिया है। हालिया घटनाओं के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले किए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में लगभग 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।
