NATO में मची रार: अमेरिका दे रहा स्पेन को बाहर निकालने की धमकी, पीएम पेड्रो सांचेज बोले- हमें कोई डर नहीं

अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका अपने सहयोगियों से नाराज है और अब उसने स्पेन जैसे देशों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है। एक लीक हुई ईमेल के जरिए खबर आई कि अमेरिका स्पेन को NATO गठबंधन से बाहर करने या उसकी भूमिका कम करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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अमेरिका क्यों है नाराज और क्या है पूरा विवाद

अमेरिका के रक्षा विभाग (Pentagon) की एक आंतरिक ईमेल सामने आई है। इसमें कहा गया कि ईरान युद्ध में अमेरिका के सहयोगियों ने सही साथ नहीं दिया। अमेरिका चाहता था कि सहयोगी देश उसे अपने इलाके इस्तेमाल करने, बेस बनाने और आसमान से विमान उड़ाने (ABO rights) की अनुमति दें, लेकिन कई देशों ने इससे मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर अमेरिकी अधिकारियों ने स्पेन को सजा देने और ब्रिटेन के फॉकलैंड द्वीप के दावे की दोबारा जांच करने जैसे सुझाव दिए। पेंटागन के प्रेस सचिव किंग्सले विल्सन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक सहयोगियों ने मुश्किल समय में अमेरिका का साथ नहीं दिया।

स्पेन के प्रधानमंत्री ने क्या जवाब दिया

साइप्रस में यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह इन दावों से बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। सांचेज ने साफ शब्दों में कहा कि स्पेन ईमेल के आधार पर काम नहीं करता, बल्कि आधिकारिक दस्तावेजों और सरकारी फैसलों पर भरोसा करता है। उन्होंने ईरान युद्ध को गैरकानूनी बताया और कहा कि स्पेन NATO के साथ पूरा सहयोग करेगा, लेकिन यह केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में ही होगा।

क्या नाटो से किसी सदस्य देश को निकाला जा सकता है

इस विवाद के बीच NATO के एक अधिकारी ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि नाटो की स्थापना संधि (Founding Treaty) में किसी भी सदस्य देश को निलंबित करने या बाहर निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। दूसरी तरफ, स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने संकेत दिया कि अमेरिका के ऐसे रवैये की वजह से अब यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी। उन्होंने एक pan-European सेना बनाने की संभावना पर भी जोर दिया है।