अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब काफी खतरनाक मोड़ पर आ गया है। 5 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान की धरती पर एक बहुत बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लापता पायलट को बचा लिया गया है। इस साहसी मिशन में सैकड़ों अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के जवान शामिल थे जिन्होंने भारी गोलीबारी के बीच अपनी जान जोखिम में डाली। राष्ट्रपति ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े बचाव अभियानों में से एक बताया और सेना की तारीफ की है।

ℹ: Bahrain में ईरानी हमले के बाद लगी भीषण आग, दमकल विभाग ने पाया काबू, सरकार ने बताया ‘बड़ी आक्रामकता’

इस रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें क्या हैं?

  • ईरान में गिरे F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दूसरे क्रू मेंबर को बचाने के लिए यह बड़ा ऑपरेशन चलाया गया।
  • अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल कमांडो और कई लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल थे।
  • ऑपरेशन के दौरान ईरानी सेना के साथ भारी मुठभेड़ हुई जिसमें दो अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी गोलियां लगीं।
  • भारी खतरे के बावजूद अमेरिकी टीम अपने साथी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और अब वे सुरक्षित क्षेत्र में हैं।
  • ईरान ने दावा किया है कि उसने एक नए डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करके अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया है।

ईरान और अमेरिका के बीच अब आगे क्या होगा?

इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका की इस चेतावनी को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे एक कमजोर कदम बताया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिकी टीमें ईरान से पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश में जुटी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com