US का बड़ा कदम, हिजबुल्लाह के फाइनेंशियल नेटवर्क पर कसी लगाम, 10 लोगों पर लगे नए प्रतिबंध.

अमरीकी सरकार ने 20 अगस्त 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए हिजबुल्लाह को मिलने वाली आर्थिक मदद और फंडिग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। अमरीकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि इस तरह के संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा और अमरीकी हितों के लिए बड़ा खतरा हैं। अधिकारियों का यह मानना है कि हिजबुल्लाह किसी लेबनान के प्रतिरोध आंदोलन की तरह काम नहीं कर रहा है, बल्कि यह सीधे तौर पर ईरानी सरकार के एजेंट के रूप में काम करता है। इस संगठन का निरस्त्रीकरण और इसे पूरी तरह से तोड़ना लेबनान के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है ताकि वहां शांति बहाल की जा सके।
अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने की नए प्रतिबंधों की घोषणा
विदेश विभाग के रुख के साथ तालमेल बिठाते हुए अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने दुनिया भर में फैले एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। इस नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं जो हिजबुल्लाह तक कैश पहुंचाने का काम करते थे। इन प्रतिबंधित लोगों में यूनुस अल्पर यिलमाज़, हलिल इब्राहिम काकमाज, ओंडेर डेडे, वासफी अक्यুজ, मेहमेत अकुर, फेय्याद करासालिह, मसूद मुसाफिर, गुलेय काया सावसी और एमराह अयाज शामिल हैं। यह पूरा नेटवर्क लेबनान, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच करोड़ों डॉलर इधर-उधर करने का काम कर रहा था। ये लोग आधिकारिक बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम से बचने के लिए कमर्शियल उड़ानों का इस्तेमाल करते थे ताकि अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बच सकें।
कमर्शियल उड़ानों के जरिए होता था पैसों का लेन-देन
तुर्की के व्यवसायी यूनुस अल्पर यिलमाज़ पर आरोप है कि उन्होंने एक्सचेंज कंपनियों को एक मुखौटे के रूप में इस्तेमाल किया। इन कंपनियों के जरिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स से जुड़े पैसों के लेन-देन को आसान बनाया जाता था। ट्रेजरी विभाग ने कार्यकारी आदेश 13224 के तहत हिजबुल्लाह को फिर से नामित किया है और इसके पीछे ईरान सरकार के साथ सीधे ऑपरेशनल संबंधों का हवाला दिया है। अमरीकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसांट ने इन प्रतिबंधों के व्यापक असर पर बात करते हुए दुनिया भर के सहयोगियों से कहा है कि उन्हें यह तय करना होगा कि वे ईरान के खिलाफ अमरीका के नेतृत्व वाले आर्थिक अलगाव का साथ देते हैं या फिर इन कोशिशों का विरोध करते हैं। अमरीकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन फंडिंग के रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है ताकि हिजबुल्लाह और उसके पीछे खड़े ईरान को मिलने वाले संसाधन सीमित किए जा सकें।