मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस बुलाने का काम तेज कर दिया है. US State Department के आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध के बाद अब तक 40,000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक अपने देश वापस लौट चुके हैं. नागरिकों की मदद के लिए सरकार ने खास टास्क फोर्स भी बनाया है जो लगातार काम कर रहा है.

कैसे हो रही है नागरिकों की वापसी

अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘Operation Epic Fury’ शुरू किया है. इस ऑपरेशन के तहत 24 घंटे काम करने वाली टास्क फोर्स ने अब तक 27,000 से ज्यादा लोगों को यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी मदद दी है. 10 मार्च 2026 को इस निकासी काम में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई.

  • फ्री फ्लाइट सुविधा: सरकार की तरफ से दी जा रही चार्टर फ्लाइट के लिए अभी कोई किराया नहीं लिया जा रहा है.
  • सीटों की स्थिति: इन सरकारी फ्लाइट्स में अभी लगभग 40 प्रतिशत ही लोग सफर कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि काफी जगह खाली है.
  • रजिस्ट्रेशन जरूरी: मदद चाहने वाले नागरिकों को ऑनलाइन Crisis Intake Form भरना होगा या हेल्पलाइन नंबर +1-202-501-4444 पर कॉल करना होगा.

कमर्शियल फ्लाइट्स को मिल रही है प्राथमिकता

असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Dylan Johnson ने बताया कि जिन लोगों ने शुरू में सरकार से मदद मांगी थी, उनमें से 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने बाद में कमर्शियल फ्लाइट से जाना चुना. सरकार भी यही सलाह दे रही है कि जिन लोगों को Saudi Arabia, UAE, Oman या Egypt से सीधे कमर्शियल फ्लाइट मिल रही है, वे उसी का इस्तेमाल करें.

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद राजनयिक मिशनों से गैर-जरूरी स्टाफ और उनके परिवारों को वापस बुला लिया गया है. इसके साथ ही Abu Dhabi और Dubai के अमेरिकी दूतावासों में आम काम रोक दिया गया है और वे अभी सिर्फ इमरजेंसी निकासी का काम देख रहे हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.