मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच U.S. State Department ने 20 जुलाई 2026 को अपने नागरिकों के लिए एक Worldwide Caution जारी किया है। इस एडवाइजरी में वहां मौजूद अमेरिकियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और अन्य लोगों को भी इस क्षेत्र की यात्रा करने से बचने के लिए कहा गया है क्योंकि सुरक्षा हालात अनिश्चित बने हुए हैं।
ℹ: US State Department की चेतावनी: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए यात्रा पर दोबारा सोचें।
यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
इस स्थिति का सीधा असर हवाई यात्राओं पर पड़ा है। 21 जुलाई 2026 तक सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, UAE, कतर और कुवैत जैसे देशों में 1,077 उड़ानें देरी से चल रही हैं और 185 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सबसे ज्यादा असर सऊदी अरब के King Khalid Airport पर देखा गया है, जहाँ से करीब 70% उड़ानें रद्द हुई हैं। Air France जैसी बड़ी एयरलाइंस ने दुबई और रियाद के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
क्यों मचा है हड़कंप
यह तनाव CENTCOM द्वारा ईरान के सैन्य केंद्रों पर लगातार 10 दिनों तक किए गए हमलों के बाद बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए European Union Aviation Safety Agency (EASA) ने 14 जुलाई 2026 को गाइडलाइंस जारी कर एयरलाइंस को UAE, बहरीन, कतर, कुवैत और ओमान की खाड़ी के ऊपर से उड़ान न भरने की सलाह दी है, जो 29 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। अमेरिका, यूके और कनाडा ने भी अपने नागरिकों को यात्रा से पहले एयरलाइन का शेड्यूल चेक करने की सलाह दी है।
