ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों के परिवारों ने उनका अंतिम संस्कार किया। इस दुखद घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी, जिसने देश के समुद्री समुदाय को गहरा सदमा पहुँचाया है। इसी बीच अमेरिका ने अब ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी समुद्री नाकेबंदी हटाने का बड़ा फैसला लिया है।

यह घटना 9 जून 2026 की है, जब अमेरिकी सेना ने Palau के झंडे वाले तेल टैंकर ‘MT Settebello’ पर हमला किया था। अमेरिका का दावा था कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई उसकी नाकेबंदी के नियमों को तोड़ रहा था। इस हमले में तीन भारतीय नाविक आदित्य शर्मा, शिवनंद चौरसिया और पटनाला सुरेश की जान चली गई।

भारत सरकार ने इस मामले में अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रुकना चाहिए। शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस घटना को समुद्री परिवार के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया। वहीं, विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से बात कर स्पष्ट किया कि व्यावसायिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई जायज नहीं है।

दुबई स्थित कंपनी IOS Marine FZE, जो ‘MT Settebello’ जहाज का मैनेजमेंट देखती है, उसने अमेरिका के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उन्हें अमेरिकी सेना की ओर से कोई चेतावनी नहीं मिली थी और उनका ईरान या ईरानी तेल से कोई संबंध नहीं है। कंपनी ने इन मौतों के लिए अमेरिकी नौसेना को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

इस बीच एक बड़ा अपडेट आया है। 18 जून 2026 को US Central Command (CENTCOM) ने ऐलान किया कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म कर दी है। अब ईरान आने-जाने वाले सभी जहाजों के रास्ते खोले गए हैं और उन पर कोई पाबंदी नहीं होगी। हालांकि, समझौते को लागू करवाने के लिए अमेरिकी नौसेना अभी भी इस इलाके में मौजूद रहेगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.