अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के सिरिक इलाके में पीने के पानी की टंकियों को निशाना बनाया, जिससे हजारों लोग परेशान हुए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया है।
सिरिक में पानी की सप्लाई ठप
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सिरिक (Hormozgan) में पानी के बुनियादी ढांचे पर हमला किया। इस हमले में 2,500 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले दो जलाशय तबाह हो गए। इन जलाशयों से 10 गांवों के करीब 20,000 लोगों को पीने का पानी मिलता था। प्रवक्ता ने इसे एक सोची-समझी ‘वॉर क्राइम’ और मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन बताया है।
दोनों देशों के दावे
Hormozgan के ज्यूडिशियरी हेड Mojtaba Ghahremani ने भी इस हमले को युद्ध अपराध कहा और कानूनी कार्रवाई की बात कही। दूसरी तरफ, U.S. Central Command ने कहा कि यह हमला एक ‘अनुपातिक प्रतिक्रिया’ थी। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने उनके एक Apache हेलीकॉप्टर को गिराया था और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले किए थे। हालांकि, ईरान के सैन्य सूत्रों ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
ईरान का पलटवार और रिकवरी
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। इस घटना के बाद जॉर्डन में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया। वहीं, ईरान में पानी की समस्या को जल्दी सुलझा लिया गया। Hormozgan Water and Wastewater Company के General Manager Abdolhamid Hamzehpour ने बताया कि मरम्मत का काम 12 घंटे से भी कम समय में पूरा हुआ और प्रभावित गांवों में पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो गई।
इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर चिंता जताई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के सिरिक में किस चीज को निशाना बनाया
अमेरिका ने सिरिक में पीने के पानी के दो जलाशयों को निशाना बनाया जिनकी कुल क्षमता 2,500 क्यूबिक मीटर थी, जिससे 10 गांवों के 20,000 लोग प्रभावित हुए।
ईरान ने अमेरिकी हमले का क्या जवाब दिया
ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
