ईरान के बंदर अब्बास शहर और हॉर्मोज़गन प्रांत में 18 जुलाई 2026 को तड़के सुबह से ही धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया। इस हमले में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 8 लोग घायल हुए हैं, जिसकी जानकारी हॉर्मोज़गन के डिप्टी गवर्नर ने दी है।
🚨: Gulf में ईरान पर अमेरिकी नौसेना का कड़ा पहरा, ईरानी ठिकानों पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
अमेरिकी हमले में ईरान की कई महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया गया है। इसमें शाहिद मिर्जाई टनल को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है और शोर नदी के पुल पर भी मिसाइल गिरी है। ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने माना है कि बिजली के बुनियादी ढांचे पर हमले हुए हैं और दक्षिणी प्रांतों में बिजली कम इस्तेमाल करने को कहा गया है। इसके अलावा 116 टेलीकम्युनिकेशन टावर बंद होने से लोगों को फोन और इंटरनेट की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य, हथियार भंडारण और समुद्री क्षमता को कम करना है।
खाड़ी देशों में बढ़ी तनाव की स्थिति
इस हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार की तैयारी की है और कुवैत, इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब और बहरीन के ऊपर अपने ड्रोन और मिसाइल दागे हैं। कुवैत ने मिसाइलों और ड्रोन को हवा में इंटरसेप्ट किया, जबकि इराक ने इरबिल के ऊपर ड्रोन मार गिराए। तनाव के इस माहौल को देखते हुए ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मीडिया को निर्देश दिया है कि वे नुकसान की खबरें कम दिखाएं ताकि लोगों में डर न फैले।
