ईरान के दक्षिणी प्रांतों Khuzestan और Hormozgan में 13 और 14 जुलाई 2026 को कई धमाके हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण हालात काफी गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी सेना CENTCOM ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर ये हमले किए गए, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की पकड़ को कमजोर करना और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
हमलों में हुआ जान-माल का नुकसान
Khuzestan के सुरक्षा मामलों के डिप्टी गवर्नर Valiollah Hayati ने बताया कि 13 जुलाई को तड़के 1:35 बजे से 2:20 बजे के बीच कई शहरों में मिसाइलें गिरीं। Mahshahr में पानी पंपिंग स्टेशन पर हमले में एक सुरक्षा गार्ड Shaker Mohseni की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा Ahvaz, Dezful, Abadan और Andimeshk जैसे शहरों को भी निशाना बनाया गया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से 13 जुलाई के बीच इन हमलों में हर दिन औसतन 1.3 लोगों की जान गई है।
ईरान का जवाबी हमला और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया है। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में बहरीन में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे और ओमान में अमेरिकी रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया है। इस स्थिति पर सऊदी अरब, कतर, ओमान, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों ने ईरान द्वारा क्षेत्रीय देशों पर बार-बार किए जा रहे हमलों की निंदा की है।
