Strait of Hormuz में एक कमर्शियल शिप पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं. यह कार्रवाई 12 जुलाई 2026 को हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. US Central Command ने बताया कि ये हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर किए गए हैं.
मामला तब बिगड़ा जब ईरान के Revolutionary Guard Corps ने साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हमला किया. इस हमले में जहाज को काफी नुकसान पहुँचा और एक क्रू मेंबर लापता बताया जा रहा है. अमेरिका का कहना है कि ईरान ने जून में हुए युद्धविराम के समझौते का उल्लंघन किया है, जिसमें ईरान ने जहाजों के सुरक्षित आने-जाने की बात मानी थी.
अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को खत्म करना है, जिससे वह जहाजों को निशाना बना सके. अमेरिका ने अब ईरान से मांग की है कि वह खुलेआम यह माने कि Strait of Hormuz सभी के लिए खुला है और अपने सैनिकों को जहाजों पर फायरिंग करने से रोके.
दूसरी तरफ, ईरान ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने एक ऐसे जहाज को निशाना बनाया जो गलत रास्ते पर चल रहा था. इसके तुरंत बाद ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान कर दिया. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक Bandar Abbas और Sirik में बड़े धमाके हुए हैं. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार और गुरुवार को हुए अमेरिकी हमलों में 17 लोगों की मौत हुई और 115 लोग घायल हुए.
2026 ईरान युद्ध और तनाव
यह पूरा विवाद “2026 ईरान युद्ध” का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों के बाद हुई थी. फिलहाल ओमान में अमेरिका और ईरान के बड़े अधिकारी बातचीत कर रहे हैं, जहां अमेरिका ईरान पर अपने वादे निभाने का दबाव बना रहा है.
तनाव इस कदर बढ़ गया है कि इसराइल ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है. इस खबर के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी जवाबी चेतावनी दी है.
