अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार रात 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए। इस हमले में ईरान के सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर, एयर डिफेंस और मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इन हमलों का असर अहवाज़, बंदर अब्बास, तेहरान के आसपास के इलाकों और अन्य शहरों में भी देखने को मिला है।
अस्पताल खाली करने की नौबत
इस हमले का सबसे दुखद पहलू अहवाज़ के Boghayi Hospital 2 में देखने को मिला, जो बच्चों का कैंसर अस्पताल है। हमले के दौरान मिसाइल अस्पताल के पास गिरी, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से 211 बाल रोगियों को तुरंत बाहर निकालना पड़ा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी Hossein Kermanpour ने बताया कि इस स्थिति से अफरातफरी मच गई। देशभर में इन हमलों के कारण 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं और आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 30 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। इरानशहर के पास सैन्य बैरकों पर हुए हमले में 7 ईरानी सैनिकों की भी जान गई है।
ईरान की चेतावनी और आगे का खतरा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इसे बर्बर हमला और युद्ध अपराध करार दिया है। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रवक्ता Brigadier General Hossein Mohammadi ने कहा कि वे अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना जारी रखेंगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत शुरू नहीं हुई, तो हमलों का दायरा बिजली संयंत्रों और पुलों तक बढ़ सकता है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने इसे अस्तित्व की लड़ाई बताया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन वह लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
