ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। 14 जुलाई 2026 को अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए। बंदर अब्बास, किश और कशम द्वीप सहित कई इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह हमला लगातार तीसरी रात जारी रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा जून में हुए समझौते को रद्द करने के बाद से हालात बिगड़ गए हैं। CENTCOM ने 14 जुलाई को शाम 4 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले समुद्री जहाजों के लिए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। ईरान की सेना के अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्होंने बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। हॉर्मोजगान प्रांत के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों में अब तक 3 लोगों की मौत हुई है। हॉर्मोजगान के गवर्नर कार्यालय ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे मिसाइल या प्रोजेक्टाइल गिरने से नुकसान हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका पर हॉर्मूज जलडमरूमध्य में टैंकरों को असुरक्षित रास्तों पर भेजने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे इस रणनीतिक क्षेत्र में पीछे नहीं हटेंगे।
