अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास इलाके में हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद भी दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह हमला सीजफायर का अंत नहीं है और बातचीत सही तरीके से आगे बढ़ रही है।
आखिर अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हमले?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला आत्मरक्षा में किया गया था। अमेरिकी सेना के अनुसार, दक्षिण ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट और उन ईरानी नावों को निशाना बनाया गया जो स्ट्रेट ऑफ हारमुज (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिकी सेना ने साफ किया कि वह अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वर्तमान संघर्ष विराम के दौरान संयम भी बरत रही है।
ईरान की तरफ से क्या आई प्रतिक्रिया?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्शची ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है। वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों का कहना है कि बंदर अब्बास में हुए धमाकों के बाद स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने भी इस हमले पर आपत्ति जताई है।
क्या टूट जाएगी दोनों देशों के बीच शांति वार्ता?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में चल रही है। उन्होंने कहा कि या तो एक बहुत बड़ा और सार्थक समझौता होगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा। उधर कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर दोहा में चल रहा है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में वहां के केंद्रीय बैंक के गवर्नर भी शामिल हैं, जो ब्लॉक किए गए पैसों को वापस पाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान में किस जगह पर हमले किए हैं?
अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और स्ट्रेट ऑफ हारमुज के पास तटीय इलाकों में मिसाइल लॉन्च साइटों और संदिग्ध नावों को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
क्या इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम खत्म हो गया है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह एक सुरक्षात्मक हमला था और इससे पिछले महीने हुआ संघर्ष विराम समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच कतर में शांति समझौता वार्ता अभी भी चल रही है।