ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 10 जून 2026 को ईरान के दक्षिणी हिस्से में मौजूद बंदर अब्बास, सिरीक, जास्क और कशम द्वीप जैसे कई इलाकों में तेज धमाके सुने गए। अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं जिसके बाद ईरान ने भी बड़ा कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी मुख्य समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे खाड़ी देशों और दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों किए और क्या थे निशाने?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने 10 जून 2026 को शाम 5:15 बजे ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। दरअसल होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था, जिसका आरोप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर लगाया है और कहा है कि अमेरिका इसका जवाब जरूर देगा।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में ईरान के इन ठिकानों को निशाना बनाया गया है:

  • हवाई रक्षा प्रणाली: बंदर अब्बास, कशम और सिरीक में एक्टिव एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया ताकि ईरानी सेना पलटवार न कर सके।
  • रडार स्टेशन: ईरान के सैन्य रडार सिस्टम को तबाह करने के लिए बमबारी की गई।
  • ड्रोन कमांड सेंटर: ड्रोन को कंट्रोल करने वाले ईरानी सेना के केंद्रों पर अमेरिकी मिसाइलें गिरीं।

ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमले

अमेरिका के इस हमले के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान की तरफ से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्शची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए फारस की खाड़ी को तुरंत खाली कर दे क्योंकि ईरानी सेना हर हमले का कड़ा जवाब देगी।

ईरान की सेना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि समुद्र में अमेरिकी और ईरानी नौसेना के बीच सीधी झड़पें भी हुई हैं, जिसमें ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि यह समुद्री रास्ता बंद होने से व्यापार और उड़ानों पर असर पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया गया है?

हां, ईरान के सैन्य कमांड ने 10 जून 2026 को घोषणा की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी भी प्रकार के जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा, जो कि दुनिया भर के तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है।

अमेरिका ने ईरान के किन शहरों पर हमले किए हैं?

अमेरिकी हवाई हमले मुख्य रूप से बंदर अब्बास, सिरीक, जास्क, कशम द्वीप और मीनाब जैसे दक्षिणी ईरानी शहरों पर हुए हैं, जहां ईरान के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद थे।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कहां हमले किए हैं?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com