अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब और भयानक हो गई है। अमेरिका ने ईरान के पांच अलग-अलग प्रांतों में भारी हवाई हमले किए हैं, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपुर ने सोशल मीडिया पर बताया कि पिछले दो दिनों से हो रहे हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 47 का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उन्होंने 8 जुलाई को करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसेना से जुड़ी जगहें शामिल थीं। अमेरिका का कहना है कि यह सब इसलिए किया गया ताकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला न कर सके।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि ईरान के साथ जो अस्थायी युद्धविराम था, वह अब खत्म हो गया है। उन्होंने ईरानी नेताओं के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने फिर से जहाजों पर हमला किया, तो अंजाम और भी बुरा होगा।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को युद्ध अपराध बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने आम लोगों के इस्तेमाल होने वाले बुनियादी ढांचे, जैसे मशहद जाने वाले रेलवे पुलों को निशाना बनाया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी बेस पर हमले किए हैं।
दुनिया भर में बढ़ती चिंता
यह पूरा विवाद उस समय बढ़ा जब दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खमनेई का जनाज़ा मशहद पहुँच रहा था। संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर हमले जारी रहे, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया का व्यापार प्रभावित होगा।
