अमेरिका ने ईरान के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए हैं। इस हमले में चाबहार के इमाम अली अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां भर्ती कई मरीज घायल हो गए। ईरान के सरकारी न्यूज़ चैनल IRIB ने इस घटना की पुष्टि की है।
📰: अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, अबू मूसा आइलैंड समेत 80 ठिकानों पर धमाके, UAE पर भी मंडराया खतरा।
U.S. Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने एक ही दिन में ईरान पर 80 से ज़्यादा हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों का जवाब थी। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज़्यादा छोटी नावों को निशाना बनाया गया।
ईरान में भारी नुकसान की खबर
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में बंदर अब्बास और बुशहर के इलाकों में सेना के आठ जवान मारे गए। इसके अलावा, आम लोगों के घरों और दुकानों को भी काफी नुकसान हुआ है। खबरों के अनुसार लगभग 3,090 निजी मकान और 528 कमर्शियल सेंटर तबाह हो गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है। रेड क्रिसेंट के 9 सेंटर और 13 स्वास्थ्य संस्थान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें भलियासर बर्न हॉस्पिटल, खतम हॉस्पिटल और गांधी हॉस्पिटल जैसे अस्पताल शामिल हैं, जिन्हें या तो बंद करना पड़ा या वहां भारी टूट-फूट हुई है।
ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ईरानी रेड क्रिसेंट अब इस पूरे मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) को सौंपने की तैयारी कर रहा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है, जिसका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में शांति और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था।
