अमेरिका ने ईरान के चाबहार शहर में बड़े हवाई हमले किए हैं. इस हमले में वहां का समुद्री नेविगेशन कंट्रोल टावर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. यह हमला 10 जुलाई 2026 को हुआ, जिससे पूरे इलाके में एक बार फिर तनाव फैल गया है.
चाबहार फ्री ज़ोन ऑर्गनाइज़ेशन के चीफ मोहम्मद सईद अरबाबी ने पुष्टि की कि कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया था और वह क्षतिग्रस्त हो गया है. ईरान की फ़ारस न्यूज़ एजेंसी ने भी इसकी खबर दी है और बताया कि पोर्ट शहर के एक डिपो पर भी हमला हुआ है. अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरी रात हमले किए, जिसके कारण दक्षिणी ईरान के कई शहरों में धमाके सुने गए.
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, उन्होंने 10 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे अपने हमलों का दौर खत्म किया. अमेरिका ने बताया कि उन्होंने ईरान के लगभग 90 ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये हमले समुद्री बुनियादी ढांचे और मिलिट्री ठिकानों पर थे. उनका मकसद Strait of Hormuz में चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना था. अमेरिका ने यह भी साफ किया कि उन्होंने किसी नागरिक सुविधा या बिजली-तेल केंद्र पर हमला नहीं किया है.
दूसरी ओर, ईरान ने लंदन में इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) की मीटिंग में इस कार्रवाई को गलत बताया और इसकी कड़ी निंदा की. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने Strait of Hormuz के शिपिंग रूट में दखल दिया, तो उसका जवाब बहुत सख्त होगा. अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने इस इलाके में सैन्य कार्रवाई की है, जिससे अब संघर्ष का दायरा बढ़ गया है.
