ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने एक बार फिर जोरदार हमला किया है। इस हमले के बाद बंदरगाह के फ्री जोन में खड़ी कारों को वहां से जल्दबाजी में हटाया गया। यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका ने उन जहाजों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए की है, जिन्हें ईरान ने Strait of Hormuz में निशाना बनाया था।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका मकसद ईरान की उस ताकत को कम करना है जिससे वह समुद्री रास्तों में बाधा डालता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जहाजों पर हमले फिर शुरू हुए तो नतीजे और भी बुरे होंगे।

हमले में कहाँ-कहाँ हुआ नुकसान

खबरों के मुताबिक चाबहार के साथ-साथ कोनारक, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक में भी धमाके हुए। चाबहार के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई। अमेरिकी एयरस्ट्राइक में मुख्य रूप से दो समुद्री पियर और एक ट्रैफिक कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया, जिससे शाहिद बेहश्ती और कलंतरी पोर्ट को काफी नुकसान पहुँचा है। हमले के दौरान गिरा हुआ मलबा शहर के इमाम अली अस्पताल पर भी गिरा।

इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए उसके तेल बेचने के लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है।

ईरान का पलटवार

इस हमले के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ईरान की मीडिया और सैन्य सूत्रों ने बताया कि उनके सशस्त्र बल क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेस पर एक बहुत बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.