अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान द्वारा तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के बाद की गई है। इस वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
🚨: US का ईरान पर बड़ा हमला, Strait of Hormuz में जहाजों पर अटैक के बाद लिया गया फैसला।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह हमला 6 और 7 जुलाई के बीच जहाजों को निशाना बनाने का जवाब था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ जो युद्धविराम हुआ था, वह अब खत्म हो गया है। उन्होंने ईरान पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल साइट्स और ड्रोन लॉन्चिंग सेंटर्स को तबाह किया गया है। इसके अलावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की 60 से ज्यादा छोटी नावों को भी निशाना बनाया गया।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। कुवैत ने बताया कि उन्होंने 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 13 ड्रोन को हवा में ही रोक लिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे हमला बताया है और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
जिन जहाजों पर हमला हुआ था, उनमें कतर का Al-Rekayyat, सऊदी अरब का Wedyan और लाइबेरिया का Cyprus Prosperity शामिल थे। कतर और सऊदी अरब ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं, नाटो (NATO) के चीफ मार्क रट्टे ने अमेरिका के इस कदम का समर्थन किया है।
इस लड़ाई के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगाया गया एक बड़ा प्रतिबंध भी वापस ले लिया है, जिससे अब ईरान को कच्चा तेल बेचने और बनाने में दिक्कत आएगी।
