अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 15 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमलों का दूसरा दौर शुरू किया। यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर की गई है। बता दें कि यह लगातार चौथी रात है जब अमेरिका ने ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया है।
हमलों का कारण और असर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये हमले अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर ग्लोबल व्यापार को खतरे में डालने के खिलाफ किए गए हैं। इससे पहले सुबह 7:30 बजे भी 90 मिनट का एक ऑपरेशन चलाया गया था। इसमें Greater Tunb Island पर ईरान की कोस्टल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान को बेहतर व्यवहार करना चाहिए और अमेरिका अब इस सुरक्षा के लिए खर्च की वसूली भी करेगा।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और खतरे
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरान का दावा है कि Iranshahr के पास एक आर्मी बैरक पर हुए हमले में उनके 7 जवानों की मौत हुई है और 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि उनके तेल निर्यात को रोका गया, तो वे पूरे क्षेत्र का तेल और गैस निर्यात बंद कर देंगे। तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है, जहाँ Kuwait, Bahrain और Jordan ने ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने की सूचना दी है।
