अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। 10 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को बनाया निशाना?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ किया है कि इस हमले में ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम, संचार नेटवर्क और हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense Sites) को नष्ट किया गया है। ईरान के बंदर अब्बास, क्युशम, गोरगान, हेंगाम, सिरिक, मीनाब और इसफ़हान जैसे इलाकों में धमाके सुने गए हैं। ईरान का दावा है कि इस हमले में आम लोगों के इस्तेमाल वाले दो पानी के टैंकों को भी नुकसान पहुंचा है।

ईरान ने पलटवार में कहां-कहां किए हमले?

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की तरफ से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए गए हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे दो जहाजों को भी निशाना बनाया गया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बंद नहीं किया गया है और व्यापारिक जहाज वहां से सुरक्षित आ-जा रहे हैं।

शांति समझौते और बातचीत पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरान ने बमबारी रोकने की गुजारिश की थी। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक यह हमले रुकेंगे नहीं। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी कड़े शब्दों में कहा कि अगर बातचीत के लिए बमों का सहारा लेना पड़ा, तो अमेरिका बमों से ही बातचीत करेगा। अमेरिका इस बातचीत के लिए ईरान पर दबाव बना रहा है ताकि एक स्थायी संघर्षविराम हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर यह हवाई हमले क्यों शुरू किए?

यह तनाव तब और बढ़ा जब 8 जून 2026 को ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे (Apache) हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन यह सैन्य कार्रवाई की है।

क्या इस हमले के बाद होर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है?

ईरान की ओर से रास्ता बंद करने के दावों को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने खारिज किया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों का आना-जाना सामान्य रूप से जारी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com